बेटियों के सपनों को मिली नई उड़ान, रलिया हाई स्कूल की 19 छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना की सौगात

संवाददाता मोहन चौहान लाइव भारत 36 न्यूज़
कोरबा, विकासखंड कटघोरा अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल रलिया में गुरुवार को छत्तीसगढ़ शासन की निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के तहत नवप्रवेशित 19 छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरित की गई। इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को विद्यालय आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराना, उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय परिसर में गरिमामय वातावरण में किया गया। इस अवसर पर ग्राम सरपंच श्री विष्णु बिंझवार, विधायक प्रतिनिधि श्री मुकेश राठौर, जनपद सदस्या श्रीमती नेहा तंवर, उपसरपंच श्री प्रदीप राठौर, एसएमडीसी अध्यक्ष श्री धीरज राठौर, विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य श्रीमती अनिता बंजारे, विद्यालय परिवार, पालकगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अतिथियों ने छात्राओं को साइकिल वितरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं तथा नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने और जीवन में शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव है। शासन की सरस्वती साइकिल योजना ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है, जिससे उन्हें विद्यालय तक पहुँचने में सुविधा मिलेगी और शिक्षा के प्रति उनका उत्साह और भी बढ़ेगा।
विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य श्रीमती अनिता बंजारे ने सभी अतिथियों, पालकों एवं ग्रामीणों का स्वागत करते हुए कहा कि शासन की यह योजना बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने छात्राओं से इस सुविधा का सदुपयोग करते हुए नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के माध्यम से अपने माता-पिता, विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक श्री बनवारी लाल लहरे, श्रीमती अल्मा केरकेट्टा, श्रीमती गायत्री भारद्वाज, श्री विकास टंडन, भृत्य श्री महेंद्र कोरवा सहित विद्यालय परिवार के सभी सदस्य, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं के चेहरों पर साइकिल प्राप्त करने की खुशी स्पष्ट दिखाई दी। पालकों ने भी शासन की इस जनकल्याणकारी योजना की सराहना करते हुए इसे बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने वाला सराहनीय कदम बताया।




