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ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धा का सैलाब, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ निकली भव्य चुनरी यात्रा

मां हरसिद्धि / तरावली वाली मैया को अर्पित की 51 मीटर लंबी चुनरी, जगह-जगह पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत, शक्ति की भक्ति में डूबा ग्रामीण क्षेत्र

रिपोर्टर – विनय पटेल

बैरसिया – नगर के ग्रामीण क्षेत्र में बुधवार को मां हरसिद्धि के प्रति श्रद्धा और अटूट भक्ति का अनूठा दृश्य देखने को मिला। क्षेत्र के प्रसिद्ध और प्राचीन मां हरसिद्धि मंदिर में प्रतिदिन 51 मीटर लंबी चुनरी अर्पित करने के लिए ग्रामीणों के तत्वावधान में प्रत्येक ग्राम से भव्य चुनरी यात्रा निकाली जाती है। इस धार्मिक आयोजन में नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।

नंगे पैर थामी चुनरी

चुनरी यात्रा का शुभारंभ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद श्रद्धालु 51 मीटर लंबी चुनरी को हाथों में थामकर मां के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। माता रानी के प्रति अगाध आस्था प्रकट करने के लिए कई भक्त पूरी यात्रा में नंगे पैर चले। डीजे पर गूंजते भक्ति गीतों की धुन पर महिलाएं, पुरुष और बच्चे नाचते-गाते हुए आगे बढ़ रहे थे। ढोल-नगाड़ों की गूंज और ‘जय माता दी’ के उद्घोष से पूरा मार्ग गूंज उठा।

जगह-जगह पुष्पवर्षा से भव्य स्वागत

यात्रा दोहाया स्थित हनुमान मंदिर से शुरू होकर सोहाया होते हुए विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी। इसी क्रम में यात्रा ॐ सिद्धि कृषि सेवा केंद्र, मेगरा कलां जोड़ पर पहुँची, जहाँ सेवा केंद्र संचालक एवं मित्र मंडली द्वारा अपने प्रतिष्ठान के सामने श्रद्धालुओं को बिठाकर चाय-नाश्ता कराया गया और फूलों की वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया

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