मूंग खरीदी, खाद संकट और लंबित बीमा पर किसानों का हल्ला बोल

बैरसिया में सैकड़ों किसानों ने एसडीएम कार्यालय घेरा

बैरसिया |मूंग की सरकारी खरीदी, खाद संकट, ई-टोकन व्यवस्था की गड़बड़ियों और वर्षों से लंबित फसल बीमा भुगतान को लेकर शनिवार को बैरसिया में किसान कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। बैरसिया और भोपाल ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों किसान दोपहर 2 बजे रेस्ट हाउस से पैदल मार्च करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम बैरसिया एस डी एम शिवांगी बघेल को ज्ञापन सौंपा।प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि मंडियों में मूंग का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी नीचे चल रहा है, जबकि सरकार समय पर खरीदी शुरू नहीं कर रही। दूसरी ओर यूरिया और डीएपी की किल्लत से किसान परेशान हैं तथा ई-टोकन व्यवस्था में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण उपज बेचने में दिक्कतें आ रही हैं। किसानों ने यह भी कहा कि 6-7 वर्षों से लंबित फसल बीमा की राशि अब तक जारी नहीं की गई है।ज्ञापन सौंपने के बाद किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण के अध्यक्ष रामभाई मेहर ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो किसान कांग्रेस प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करेगी।
किसानों की चार प्रमुख मांगें
मूंग की 100% सरकारी खरीदी MSP पर तत्काल शुरू की जाए।ई-टोकन प्रणाली समाप्त कर सरल और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।यूरिया-डीएपी की कालाबाजारी पर रोक लगाकर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए।6-7 वर्षों से लंबित फसल बीमा राशि तुरंत जारी की जाए।
बड़ी संख्या में पहुंचे किसान और कांग्रेस पदाधिकारी
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल ग्रामीण के अध्यक्ष अनोखी मानसिंह पटेल,किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण अध्यक्ष राम भाई मेहर श्रीमती राजकुमारी केवट नरेन्द्र शर्मा, लोकेश यादव, मदन ठाकुर, कमलेन्द्र सिंह सोलंकी, अखंड प्रताप सिंह प्रदीप विश्वकर्मा, प्रकाश सिंह जाट, राजू धाकड़, चंचल खत्री, रघु यादव, लोकेश दांगी, सोनू जैन, अंकुर राणा, कुलदीप जाट, दुष्यंत परतानी, फत्तू लाल कुशवाहा पप्पू भैया परसराम गुर्जर, राजकुमारी केवट, गोपाल गौर, रवि करोसिया, मुकेश मीना, लोकेंद्र जाट, रिंकू धाकड़, राज मेहर, सुनील प्रजापति, अमित ठाकुर, विक्रम जाटव, रुद्र बना सहित बड़ी संख्या में जिला पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष और किसान साथी मौजूद रहे।
क्यों बढ़ा किसानों का गुस्सा?
मूंग की फसल तैयार है, लेकिन बाजार भाव MSP से नीचे है। खाद की कमी और ई-टोकन की दिक्कतों के बीच किसानों को आशंका है कि उपज बेचने में देरी से उन्हें और नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं वर्षों से लंबित बीमा भुगतान ने किसानों की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है।
मूंग खरीदी, खाद संकट और लंबित बीमा पर किसानों का हल्ला बोल
बैरसिया में सैकड़ों किसानों ने एसडीएम कार्यालय घेरा
बैरसिया |मूंग की सरकारी खरीदी, खाद संकट, ई-टोकन व्यवस्था की गड़बड़ियों और वर्षों से लंबित फसल बीमा भुगतान को लेकर शनिवार को बैरसिया में किसान कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। बैरसिया और भोपाल ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों किसान दोपहर 2 बजे रेस्ट हाउस से पैदल मार्च करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम बैरसिया एस डी एम शिवांगी बघेल को ज्ञापन सौंपा।प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि मंडियों में मूंग का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी नीचे चल रहा है, जबकि सरकार समय पर खरीदी शुरू नहीं कर रही। दूसरी ओर यूरिया और डीएपी की किल्लत से किसान परेशान हैं तथा ई-टोकन व्यवस्था में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण उपज बेचने में दिक्कतें आ रही हैं। किसानों ने यह भी कहा कि 6-7 वर्षों से लंबित फसल बीमा की राशि अब तक जारी नहीं की गई है।ज्ञापन सौंपने के बाद किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण के अध्यक्ष रामभाई मेहर ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो किसान कांग्रेस प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करेगी।
किसानों की चार प्रमुख मांगें
मूंग की 100% सरकारी खरीदी MSP पर तत्काल शुरू की जाए।ई-टोकन प्रणाली समाप्त कर सरल और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।यूरिया-डीएपी की कालाबाजारी पर रोक लगाकर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए।6-7 वर्षों से लंबित फसल बीमा राशि तुरंत जारी की जाए।
बड़ी संख्या में पहुंचे किसान और कांग्रेस पदाधिकारी
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल ग्रामीण के अध्यक्ष अनोखी मानसिंह पटेल,किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण अध्यक्ष राम भाई मेहर श्रीमती राजकुमारी केवट नरेन्द्र शर्मा, लोकेश यादव, मदन ठाकुर, कमलेन्द्र सिंह सोलंकी, अखंड प्रताप सिंह प्रदीप विश्वकर्मा, प्रकाश सिंह जाट, राजू धाकड़, चंचल खत्री, रघु यादव, लोकेश दांगी, सोनू जैन, अंकुर राणा, कुलदीप जाट, दुष्यंत परतानी, फत्तू लाल कुशवाहा पप्पू भैया परसराम गुर्जर, राजकुमारी केवट, गोपाल गौर, रवि करोसिया, मुकेश मीना, लोकेंद्र जाट, रिंकू धाकड़, राज मेहर, सुनील प्रजापति, अमित ठाकुर, विक्रम जाटव, रुद्र बना सहित बड़ी संख्या में जिला पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष और किसान साथी मौजूद रहे।
क्यों बढ़ा किसानों का गुस्सा?
मूंग की फसल तैयार है, लेकिन बाजार भाव MSP से नीचे है। खाद की कमी और ई-टोकन की दिक्कतों के बीच किसानों को आशंका है कि उपज बेचने में देरी से उन्हें और नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं वर्षों से लंबित बीमा भुगतान ने किसानों की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है।




