देशभर में आज शौर्य और विजय का पर्व ‘विजयादशमी’, शाम होगा रावण दहन

लाइव भारत 36न्यूज़ से जिला रिपोर्टर
पुलिस, रक्षा बलों और RSS द्वारा किया जा रहा है पारंपरिक शस्त्र पूजन
आज पूरे देश में सनातन संस्कृति का गौरवशाली क्षत्रिय पर्व दशहरा @ विजयादशमी बेहद हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। यह महापर्व समाज में असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत के शाश्वत संदेश को रेखांकित करता है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, आज 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:50 बजे से आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का प्रारंभ हो गई।
शास्त्रों के मुताबिक, दशहरा पर्व पर रावण दहन और प्रमुख अनुष्ठान प्रदोष काल में करने का विधान है। इसी कड़ी में आज सूर्यास्त के पश्चात प्रदोष काल में अहंकार के प्रतीक रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा।
भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा के अनुसार,
विजयादशमी के पावन अवसर पर प्रदोष काल में शमी वृक्ष के पूजन का विशेष महत्व है। इसके साथ ही, घर और पूजा स्थलों के ईशान कोण में माता अपराजिता और मां जया-विजया की स्थापना कर विशेष आराधना की जा रही है। मान्यता है कि इस दिन किया गया पूजन जीवन में विजय और समृद्धि प्रदान करता है।
सनातन संस्कृति के इस अनूठे पर्व की अमिट छाप आज भी आधुनिक समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा में तैनात हमारी पुलिस, सेना और विभिन्न रक्षा बलों के जवानों द्वारा आज सुबह से ही देशव्यापी स्तर पर पारंपरिक शस्त्र पूजन (आयुध पूजा) का अनुष्ठान किया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा आज अपने स्थापना दिवस के पावन अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में भव्य पथ संचलन के साथ-साथ पारंपरिक रूप से शस्त्र पूजन का कार्यक्रम संपन्न किया जा रहा है।बुराई पर अच्छाई की जीत के इस सबसे बड़े प्रतीक पर्व को लेकर सुबह से ही बाजारों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। शासन और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि शाम को होने वाले पुतला दहन कार्यक्रमों को सकुशल संपन्न कराया जा सके।




