वन विभाग केअधिकारियों की लापरवाही कहें या कर्मचारी को आशीर्वाद

अधिकारियों की लापरवाही कहें या कर्मचारी को आशीर्वाद
सैया भाई कोतवाल तो डर काहे का इस कहावत को सिद्ध करता हुआ मुख्यालय महासमुंद बता दें कि विगत दो महापूर्वक जयकुमार सारथी वरिष्ठ पत्रकार सरायपाली द्वारा पिथौरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत सहायक परिक्षेत्र बुंदेली के संबंध में लिखित शिकायत प्रधान वन मुख्यालय रायपुर व मुख्य वन मुख्यालय रायपुर में किया गया था किंतु आज तक आवेदक को ना ही किसी प्रकार की जानकारी दिया गया ना ही संबंधित कर्मचारियों के ऊपर किसी भी प्रकार की जांच कार्यवाही किया गया और ना जांच कार्यवाही से संबंधित किसी प्रकार का वैद जानकारी आवेदक को दिया गया इतने दिन बीत जाने के बाद भी कर्मचारी के ऊपर या परिक्षेत्र में जाकर किसी भी अधिकारी द्वारा जांच ना करना कहीं ना कहीं बड़े भ्रष्टाचार को दर्शाता है और कहीं ना कहीं अपने अधिकारी को बचाने का कार्य वन विभाग वन अमला द्वारा किया जा रहा है एक पत्रकार द्वारा लिखित शिकायत पर इस तरह का रवैया वन विभाग के अधिकारियों द्वारा अपनाया जा रहा है तो एक सामान्य व्यक्ति द्वारा लिखित शिकायत करने पर क्या कार्यवाही वन विभाग के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा इस पर एक बड़ा प्रश्न है आवेदक से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग के कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लेकर आवेदक द्वारा भौतिक निरीक्षण एवं जांच के संबंधित शिकायत किया गया था किंतु कई महीने गुजर जाने के बाद भी जांच उच्च अधिकारियों द्वारा नहीं करने पर आवेदक द्वारा मजबूरन सीएम पोर्टल का सहारा लेना पड़ा अब देखना यह है कि क्या सीएम पोर्टल में भी शिकायत को खाना पूर्ति समझ कर दरकिनार किया जाता है या फिर संबंधित शिकायत पर जिला मुख्यालय के अधिकारी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कार्यवाही करते हैं




