Blog

वैदिक मंत्रों से गूंज उठी हनुमान टेकरी, पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ तीन दिवसीय श्री रामार्चन महायज्ञ

संत सम्मेलन में चित्रकूट, अयोध्या और गुजरात से पहुंचे महामंडलेश्वर; परशुराम दास जी बने आश्रम के उत्तराधिकारी
रिपोर्टर विनय पटेल

बैरसिया।। नगर के श्री रामबाग हनुमान टेकरी पर संत श्री श्री 108 महंत मूडरीधाम, गंजबासौदा के पावन सानिध्य में आयोजित तीन दिवसीय विशाल ‘श्री रामार्चन महायज्ञ’ का बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार, पूर्णाहुति एवं भव्य भंडारे के साथ श्रद्धापूर्ण समापन हुआ। तीन दिनों तक चली इस आध्यात्मिक महायज्ञ में धर्म, भक्ति और सनातन संस्कृति का अनुपम संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं, मातृशक्ति एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया।महायज्ञ का शुभारंभ 22 जून को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इसके बाद लगातार तीन दिनों तक विविध धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। 23 जून को श्री हनुमंत लाल जी महाराज का दिव्य अभिषेक किया गया, जबकि 24 जून को चातुर्मास धूनी का समापन, महायज्ञ की पूर्णाहुति, विशाल भंडारा एवं प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ।
आयोजन के दौरान भव्य संत सम्मेलन भी आयोजित किया गया, जिसमें चित्रकूट, अयोध्या, गुजरात सहित देश के विभिन्न तीर्थ क्षेत्रों से अनेक संत, महंत एवं महामंडलेश्वर पधारे। संतों के सानिध्य और आध्यात्मिक प्रवचनों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब संत श्री हरिदास महाराज ने आश्रम की महंतई चादर महंत श्री परशुराम दास महाराज को विधिवत सौंपते हुए उन्हें आश्रम का उत्तराधिकारी घोषित किया। इस अवसर पर उपस्थित संतों एवं श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत कर शुभकामनाएं दीं।
संत श्री श्री 108 महंत श्री परशुराम दास महाराज मूडरीधाम ने कहा कि श्री रामार्चन महायज्ञ का उद्देश्य देश में आने वाली आपदाओं का निवारण, विश्व कल्याण की कामना तथा सनातन संस्कृति की रक्षा एवं उसके प्रचार-प्रसार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सद्भाव और संस्कारों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।महायज्ञ के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति में आहुतियां अर्पित कर राष्ट्र एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

Related Articles