आजाद भारत के लौह पुरुष एवं लौह महिला के योगदान का स्मरण दिवस 31अक्टूबर… अधिवक्ता चितरंजय पटेल

भारत के इतिहास में 31अक्टूबर का विशेष महत्व है क्योंकि आज देश के लौह पुरुष आजाद भारत के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती है तो वहीं लौह महिला एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरागांधी की पुण्य तिथि है।
इन पलों में अशासकीय विद्यालय प्रबंधक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने दोनों हस्तियों को स्मरण करते हुए कहा कि 31अक्टूबर सरदार पटेल एवं इंदिरा गांधी के राष्ट्र के प्रति योगदान को स्मरण करने का दिवस है। अधिवक्ता पटेल ने आगे बताया कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जहां आजादी के बाद भारत की 550 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराने में साहसिक एवं ऐतिहासिक भूमिका अदा किया, जिससे उन्हें स्वतंत्र भारत के एकीकरण के शिल्पकार के रूप में जाना जाता है तथा उनके जन्म जयंती को देश में राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) के रूप में मनाया जाता है तथा Run for unity अर्थात एकता दौड़ आदि का आयोजन कर उनके योगदान को स्मरण किया जाता है, तो वहीं इंदिरा गांधी को प्रतिकूल परिस्थितियों में भी उनके अडिग, साहसी और दूरदर्शी निर्णयों के कारण लौह महिला कहा जाता है। भारत- पाकिस्तान युद्ध (1971) में ऐतिहासिक जीत, प्रथम सफल परमाणु परीक्षण पोखरण (1974), राष्ट्रीय बैंकों का एकीकरण, रियासतों के प्रिवी पर्स की समाप्ति जैसे कठोर एवं निर्णायक फैसले लेकर अपनी मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय दिया जिससे
दुनिया भर में ‘लौह महिला’ के रूप में विख्यात हुई फलस्वरूप उनके चाहने वाले इंदिरागांधी के पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के रूप स्मरण करते हैं।




