कम बारिश से खरीफ फसलों पर संकट मुरझा रही फसलें

क्षेत्र में कम बारिश को लेकर किसनों की बढी चिंता

रिपोर्टर विनय पटेल
बैरसिया क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से बारिश नहीं हुई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई, क्योंकि समय पर मानसूनी वर्षा नहीं होने से धान की रोपाई का कार्य लगभग ठप पड़ गया है। अधिकांश खेत तैयार है, लेकिन पानी के अभाव में किसानों रोपाई शुरु नहीं कर रहे है। कुछ किसानों ने रोपाई शुरू कर दी उनके गडा में दरार आने लगी है क्षेत्र के किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जब कि बैरसिया क्षेत्र के ग्रामों मे केवल 10 प्रतिशत किसानों ने ट्यूबवेल और कुओं के सहारे धान की रोपाई की है। शुरुआती बारिश के भरोसे जिन किसानों ने पौध रोप दी थी, अब उनकी फसल सूखने लगी है। लगातार सिंचाई करना सभी किसानों
के लिए संभव नहीं हैं चिंता और बढ़ गई है।
क्योंकि टयूबवेल एवं कुओं भी बारिश नहीं होने से हवा देने लगे हैं
किसानों का कहना है कि यदिअगले दो-तीन दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो दोबारा बोनी व रोपाई करनी पड़ सकती है। इससे बीज, मजदूरी और सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च आएगा एवं खेती की लागत बढ़ जाएगी। कई किसानों ने खेतों की जुताई और पौध तैयार कर ली है, लेकिन बारिश नहीं होने से किसानी का पूरा कार्य प्रभावित हो रहा है। धान की खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर है। कृषि कार्यों की रफ्तार थमने से ग्रामीण अंचल में चिंता का माहौल है। किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। क्योंकि समय पर वर्षा नहीं हुई तो उत्पादन और आय दोनों काम होने की आशंका है।




