भोपाल में गूंजा ‘पहली रोटी गाय के नाम’ अभियान, योगी सत्यनाथ महाराज के सान्निध्य में सदस्यता अभियान का शुभारंभ

5 वर्षों से बैरसिया में सफल पहल अब राजधानी में, जल्द ही ‘गौ सेवा रथ’ होगा रवाना
रिपोर्टर विनय पटेल
बैरसिया।। गौ सेवा की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से द नेशनल पावर ग्रुप द्वारा संचालित “पहली रोटी गाय के नाम” अभियान का विस्तार अब राजधानी भोपाल में किया गया है। अभियान के तहत भोपाल स्थित श्री कृष्णा रियल एस्टेट एण्ड डेवलपर्स के कार्यालय परिसर में सदस्यता अभियान का शुभारंभ धार्मिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गोरक्षपीठ गोरखपुर के पूज्य श्री योगी सत्यनाथ जी महाराज के पावन सान्निध्य एवं आशीर्वाद से हुआ। इस अवसर पर द नेशनल पावर ग्रुप के संरक्षक एवं प्रदेश अध्यक्ष पं. जयनारायण बैरागी, जितेंद्र योगी सहित संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गौभक्त और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बैरसिया की सफलता अब भोपाल में दोहराने की
तैयारी
आयोजकों ने बताया कि “पहली रोटी गाय के नाम” अभियान पिछले पांच वर्षों से बैरसिया क्षेत्र में निरंतर सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। इस पहल से हजारों परिवार जुड़ चुके हैं, जो प्रतिदिन अपने भोजन की पहली रोटी गौमाता को समर्पित कर गौ सेवा का संकल्प निभा रहे हैं।
इसी सफलता को देखते हुए अब अभियान का विस्तार भोपाल में किया गया है। शुभारंभ समारोह के दौरान भोपाल एवं बैरसिया क्षेत्र के इच्छुक लोगों से सदस्यता फॉर्म भरवाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई।
जल्द सड़कों पर उतरेगा ‘गौ सेवा रथ’
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि सदस्यता अभियान पूर्ण होने के बाद भोपाल में “पहली रोटी गाय के नाम” गौ सेवा रथ को भगवा ध्वज दिखाकर रवाना किया जाएगा। यह रथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को गौ सेवा के लिए प्रेरित करेगा तथा अभियान से जोड़ने का कार्य करेगा।
‘गौ सेवा ही राष्ट्र सेवा’
प्रदेश अध्यक्ष पं. जयनारायण बैरागी ने कहा कि “सनातन संस्कृति में गौ सेवा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। गौ सेवा ही राष्ट्र की सच्ची सेवा है। हमारा उद्देश्य है कि हर घर तक यह संस्कार पहुंचे और प्रत्येक परिवार गौमाता के प्रति अपनी श्रद्धा एवं जिम्मेदारी का निर्वहन करे।”
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने अधिक से अधिक परिवारों को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और गौ सेवा के प्रति समर्पण का वातावरण देखने को मिला।




