देश हित में जमीन-मकान न्योछावर करने वाले भूविस्थापितों का सवाल

बिलासपुर CMD ऑफिस की बैठक के 6 दिन पूरे, 7वें दिन भी लिखित निर्णय का इंतजार
संवाददाता मोहन चौहान | लाइव भारत 36 न्यूज़
क्या मामला ठंडे बस्ते में जाएगा या दीपका CGM ऑफिस की तरह CMD दफ्तर के गेट पर भी जड़ेगा ताला?
कोरबा / हरदीबाजार।
देश के ऊर्जा क्षेत्र और विकास की जरूरतों के लिए हरदीबाजार, सरईसिंगार और रेंकी के भूविस्थापितों ने अपनी पुरखों की जमीन, मकान और आजीविका न्योछावर कर दी। लेकिन सब कुछ सौंपने वाले प्रभावित परिवारों की नजरें अब SECL प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
21 सितंबर को बिलासपुर स्थित SECL CMD कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक को आज 6 दिन पूरे हो चुके हैं और 7वां दिन शुरू हो गया है। बैठक में भूविस्थापितों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई थी। वहीं, प्रबंधन की ओर से 4 से 5 दिनों के भीतर लिखित निर्णय देने की बात सामने आई थी।
समय-सीमा बीत जाने के बाद अब भूविस्थापितों के बीच सवाल उठ रहा है कि आखिर बिलासपुर CMD कार्यालय से लिखित निर्णय अब तक सामने क्यों नहीं आया?
इस पूरे मामले में हरदीबाजार, सरईसिंगार और रेंकी के भूविस्थापितों के साथ जोकाही, डबरी तथा पूर्व अधिग्रहित क्षेत्रों—दर्राखांचा, आमगांव, सुवाभोड़ा और मलगांव—से जुड़े लंबित मुद्दों पर भी चर्चा हुई थी।
मुख्य मांगों में मकान, मुआवजा, स्थायी रोजगार, बसाहट और पारदर्शी अधिग्रहण शामिल हैं। प्रभावित परिवारों की मांग है कि अब केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि प्रत्येक मांग पर स्पष्ट और लिखित निर्णय सामने आए।
अब नजर आगे की कार्रवाई पर
दीपका CGM कार्यालय में हुई तालाबंदी के बाद भूविस्थापितों के आंदोलन ने पूरे क्षेत्र का ध्यान खींचा था। अब 21 सितंबर की बिलासपुर बैठक के बाद लिखित निर्णय की समय-सीमा बीतने से एक बार फिर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भूविस्थापितों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और अब उन्हें ठोस लिखित समाधान की आवश्यकता है। हालांकि, आगे आंदोलन का क्या स्वरूप होगा, यह भूविस्थापितों और उनके प्रतिनिधियों के अगले निर्णय पर निर्भर करेगा।
बिलासपुर CMD कार्यालय की बैठक में शामिल रहे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और प्रतिनिधिमंडल की अगली पहल पर भी लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधि और SECL प्रबंधन इस मामले में जल्द स्थिति स्पष्ट करेंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल
बैठक के 6 दिन पूरे और 7वां दिन शुरू—क्या अब SECL प्रबंधन लिखित निर्णय जारी करेगा?
या फिर लिखित जवाब के लिए भूविस्थापितों को एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा?
फिलहाल सबकी नजर बिलासपुर CMD कार्यालय से आने वाले लिखित निर्णय पर टिकी हुई है।




