छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना एवं चिरायु सहयोग से नन्हीं बच्ची को मिली सुनने की नई उम्मीद

सफलता की कहानी

साय सरकार की इलाज सुविधा से नन्हीं बालिका को अब देगी सुनाई

एम्स रायपुर में बच्ची की सफल कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफल

आर्थिक तंगी नहीं बनी इलाज में बाधा, राज्य शासन की योजनाओं से मिला निःशुल्क उपचार

सारंगढ़ बिलाईगढ़, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्य कर रहा है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव के निर्देशन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत एक और प्रेरणादायक सफलता प्राप्त हुई है।

सरिया क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र लुकापारा-2 में पंजीकृत 2 वर्ष 6 माह की बालिका हैं, जिसे जन्मजात सुनाई नहीं देती थी। बच्ची के पिता नरेंद्र प्रधान खेती- किसानी के साथ-साथ मोबाइल रिपेयरिंग का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आय के कारण महंगे उपचार की व्यवस्था कर पाना परिवार के लिए संभव नहीं था।

चिरायु टीम बरमकेला द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान बच्ची की पहचान की गई। आवश्यक जांच एवं विशेषज्ञ परामर्श के बाद उसे एम्स रायपुर रेफर किया गया। उपचार के लिए आयुष्मान भारत योजना के जिला समन्वयक रोशन सचदेव द्वारा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के समन्वय से ₹6,00,000 की कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की राशि स्वीकृत हुई, जिससे परिवार पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।

एम्स रायपुर में बच्ची की सफल कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी 04 जुलाई 2026 को संपन्न हुई। इस सफल उपचार से बच्ची के सुनने और आगे चलकर बोलने की क्षमता विकसित होने की नई उम्मीद जगी है। अब वह सामान्य बच्चों की तरह शिक्षा प्राप्त कर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकेगी। यह सफलता चिरायु टीम बरमकेला की सतत निगरानी, समय पर पहचान, बेहतर समन्वय और समर्पित कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल ने न केवल एक बच्ची को नई जिंदगी दी है, बल्कि यह भी सिद्ध किया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं, ताकि जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका निःशुल्क एवं प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

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