शक्ति शिक्षण समिति ने मनाया शिक्षक दिवस

सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान करना है समाज सेवा : अधिवक्ता चितरंजय पटेल

गुरुजनों का सम्मान कर महाविद्यालय परिवार गौरवान्वित : धर्मेंद्र सिंह
लाइव भारत 36न्यूज़ से जिला रिपोर्टर की रिपोर्ट
सक्ती। शिक्षक दिवस के अवसर पर जवाहरलाल नेहरू उपाधि महाविद्यालय के सभागार में शक्ति शिक्षण समिति के तत्वावधान में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षकों सहित महाविद्यालय परिवार के प्राध्यापकों का शाल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी बाघ द्विवेदी ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को नमन करते हुए कहा कि समाज को आज भी अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन की आवश्यकता है। उन्होंने सेवानिवृत शिक्षकों से निरंतर बच्चों को विद्यादान एवं मार्गदर्शन देते रहने का आह्वान किया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए शक्ति शिक्षण समिति के अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सभापति धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि गुरुजनों का सम्मान कर महाविद्यालय परिवार स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों का आशीर्वाद महाविद्यालय परिवार को सदैव मिलता रहे, यही कामना है।

मंचासीन विशिष्ट अतिथि अशासकीय विद्यालय प्रबंधक कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान करना समाज सेवा है। आज शिक्षा जगत में जीवन का लंबा समय समर्पित करने वाले गुरुजनों का सम्मान कर महाविद्यालय परिवार ने सराहनीय पहल की है, जिसके लिए वह साधुवाद का पात्र है। उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षकों की सहभागिता और उनके समर्पण के प्रति सम्मान व्यक्त करना हम सभी का दायित्व है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. रवींद्र द्विवेदी ने कहा कि शिक्षकों को विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ संस्कारित करने के लिए भी प्रयास करना चाहिए, ताकि विद्यार्थी समाज में सकारात्मक योगदान देते हुए देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभा सकें।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिलीप पटेल ने वर्तमान दौर में शिक्षकों की बढ़ती जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना आज एक बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में भारतीय संस्कारों एवं परंपराओं के संरक्षण में शिक्षकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शालू पाहवा ने कहा कि महाविद्यालय के इतिहास में पहली बार आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह की यह परंपरा आगे भी जारी रखी जाएगी। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन से हुआ। इसके पश्चात अतिथियों एवं शिक्षकों का चंदन तिलक एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया तथा शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
आयोजन को सफल बनाने में शक्ति शिक्षण समिति के सचिव रोहित देहारे, सदस्य अमर लाल अग्रवाल सहित महाविद्यालय परिवार ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर आईसेक्ट के संचालक रामनरेश यादव, स्कूल संचालक पुरुषोत्तम चंद्रा, किशोर न्याय बोर्ड सदस्य सुरेश जायसवाल सहित महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।





