गौ सम्मान आह्वान अभियान: 17 दिसंबर को रायपुर के रावणभाठा मैदान में जुटेंगे हजारों गौ सेवक

मुख्य सचिव के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन

गौ सम्मान आह्वान अभियान के तृतीय चरण के तहत आगामी 17 दिसंबर 2026 (गो सम्मान दिवस) को छत्तीसगढ़ समेत संपूर्ण देश में एक विशाल आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। इस अभियान के अंतर्गत देश के हर प्रांत के मुख्य सचिव को महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल एवं माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ या ‘राष्ट्रीय आराध्या’ का दर्जा देने, गौ सेवा कानून व अलग मंत्रालय के गठन और गोचर बोर्ड की स्थापना जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।

इस राष्ट्रव्यापी अभियान की तैयारियों को लेकर शक्ति के श्री सिद्ध हनुमान मंदिर की महाआरती के अवसर पर एक विशेष हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस दौरान गौ सेवक पप्पू खर्रा ने उपस्थित जनसमूह से 17 दिसंबर को रायपुर के रावणभाठा मैदान में आयोजित होने वाले विशाल एकत्रीकरण में शामिल होने का पुरजोर आग्रह किया।

संस्कृति की रक्षा के लिए योगदान जरूरी: अधिवक्ता चितरंजय
कार्यक्रम में उपस्थित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं श्री सिद्ध हनुमान मंदिर के संरक्षक चितरंजय पटेल ने कहा, “भारतीय संस्कृति एवं परंपरा में जन्मदात्री माता और संरक्षण देने वाली धरती माता के साथ ही पोषण करने वाली गौ माता का स्थान सर्वोपरि है। आज देश में गौ माता की स्थिति अत्यंत दयनीय और पीड़ादायक है। हर भारतीय को अपनी संस्कृति व धरोहर को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए इस अभियान से तन-मन-धन से जुड़ना चाहिए।”
वरिष्ठजनों ने लिया संकल्प

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल, सेवानिवृत्त प्राचार्य राव सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों ने ज्ञापन पर अपने हस्ताक्षर किए तथा *मैं रहूँ या न रहूं गौ वंश रहना चाहिए*, संकल्प के साथ सेल्फी लेकर सभी ने गौमाता की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लेते हुए अभियान की पूर्ण सफलता की कामना की। इस महा-अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए कोंडके मौर्य, मयंक ठाकुर, पप्पू खर्रा सहित श्री सिद्ध हनुमान परिवार के सदस्य पूरी शिद्दत से जुटे हुए हैं। रायपुर में होने वाले इस तृतीय चरण के कार्यक्रम में पूरे प्रदेश से हजारों गौसेवकों के जुटने की संभावना है




